रविवार, 27 दिसंबर 2020

कैसे मात्र 7 साल की उम्र में पायलट बना यूगांडा का ग्राहम शेमा

 मात्र 7 साल की उम्र में पायलट बना यूगांडा का ग्राहम शेमा

किसी ने सच ही कहां है।मान लो तो हार है,और ठान लो तो जीत है।ऐसा ही करिश्मा कर दिखाया यूंगाडा के इस मात्र 7 साल के लड़के ने जो आज महज 7 साल की उम्र में विमान का पायलट है।और यात्री विमान उड़ाता है।तीन बार सह-पायलट के रूप में ससेना विमान भी उड़ा चुका है।अपनी इस अद्भूत प्रतिभा से इसने यूंगाडा के परिवहन मंत्री और जर्मनी के राजदूत का दिल जीत लिया और उन्होंने उसे मिटिंग के लिए आमंत्रित किया है।यूंगाडा के लोग अब उसे (Captain Gram Shema) के नाम से जानने लगे है।
    
ग्राहम शेमा - फोटो साभार : Social Media

अंतरिक्ष में मंगल ग्रह पर जाना चाहता है ग्राहम शेमा:-

यूगांडा के लोकल टेलीविजन पर दिये इंटरव्यू में ग्राहम शेमा ने बताया कि वह अंतरक्षिक यात्री बनना चाहता है,और मंगल ग्रह की सैर करना चाहता है।Elon Musk को मानता है अपना Roll model उनसे स्पेस से संबन्धित जानकारी जानने व हाथ मिलाना चाहता है।

विमान उड़ाने संबन्धित सभी जानकारी रखता है ग्राहम शेमा:-

गणित व विज्ञान में रूचि रखने वाले ग्राहम को विमान इंजन,विमान के उड़ान भरने एवं लैन्डिग संबन्धित सभी जानकारी है ग्राम शेमा के पास ।एक सुबह उसके प्रशिक्षक ने उससे पूछा कि बाम्बार्डियर CRM000 का इंजन कैसे काम करता है।ग्राहम शेमा ने इसका उत्तर पूरा विस्तारपूर्वक और इतने आत्मविश्वास से दिया कि प्रशिक्षक भी हैरान रह गये।

मात्र 3 साल की उम्र में पायलट बनने का जुनून आ गया था ग्राहम शेमा के अन्दर:-

जब ग्राहम शेमा की माँ से उसके बेटे के बारे में पूछा गया,तो उन्होने एक घटना का जिक्र किया,इस घटना ने ही ग्राहम को पायलट बनने के लिए प्रेरित किया,एक बार ग्राहम अपने घर के बाहर खेल रहा था।उसी समय एक हेलीकाप्टर जो कि पुलिस र्स का था.उड़ान भरते समय उनके घर की छत से  टकरा गया था,जिससे उनकी छत उड़ गयी,इस घटना को वह नन्हा बालक देख रहा था,इस घटना के बाद से ही वह विमान उड़ाने के बारे में सोचने लगा,और इससे संबन्धित सभी जरूरी जानकारी को जानना शुरू कर दिया।

ग्राहम की माँ ने अपने बेटे के इस हुनर और विमान में रूचि को समझा और एक स्थानीय एविएशन अकादमी से संपर्क किया और अपने बेटे के बारे में उनसे बात की तभी से एविएशन एकेडमी में पढ़ने एवं घर पर ही विमान से संबन्धित विडियों देखने एवं जरूरी जानकारी जुटाने पर ग्राहम ने इतना ज्ञान अर्जित कर लिया।

उसके करीब पाँच महीने बाद ही ग्राहम ने अपनी पहली उड़ान भरी और जब उससे इसके बारे में पूछा गया तो उसने बताया उसे तो ऐसा लग रहा था,जैसे कोई चिड़िया आकाश में उड़ रही हो।

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