गुरुवार, 7 जनवरी 2021

विश्व का सबसे ठंडा गांव - 50°C में भी स्कूल जाते है बच्चे

 विश्व का सबसे ठंडा गांव - 50°C रहता है औसत तापमान 

Hello,
            दोस्तो सर्दियों का मौसम चल रहा है,और सर्दियाँ अपने शिखर पर है,कुछ लोग सर्दियों को बहुत अच्छा

 मानते है,तो कुछ लोगों को सर्दियों के मौसम में अपने कम्बल से भी निकलने का मन नहीं करता है।सर्दियों के

 मौसम में तापमान में आयी थोड़ी सी गिरावट भी लोगों को बहुत सताने लगती है.लेकिन क्या आप जानते है?दुनिया

 में एक ऐसा गांव भी है,जहाँ - 50°C तापमान पर भी लोग जिंदा है और अपना जीवन यापन कर रहे है।जी हां दोस्तो

 आज में आपको मेरी इस पोस्ट में एक ऐसे गांव के बारे में बताऊँगा जहाँ का न्यूनतम तापमान - 71°C तक भी जा

 चुका है,जो विश्व के सबसे ठंडी जगह अंटार्टिका जिसका न्यूनतम तापमान  - 89°C की तुलना में दूसरे स्थान पर

 है।दोस्तो इस गांव का नाम है ओम्याकोन (Oymyakon) जो रूस देश में साइबेरिया का एक छोटा सा गांव है।दोस्तो आइऐ और भी रोचक तथ्य जानते है,इस गांव के बारे में......

   




Oymyakon Image by Ilya Varlamov, Source is licensed under CC BY-SA 4.0



माँस खाकर जिन्दा रहते है लोग

तापमान में अधिक गिरावट होने के कारण यहाँ फल,सब्जियाँ नहीं उग पाती है,जिस कारण यहाँ के लोग मछली,अन्डा एवं घोड़े का मांस खाकर अपना पेट भरते है।तो दोस्तो अगर आप शाकाहारी है और यहा घूमने की सोच रहै है तो अपको काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

- 50°C के तापमान में भी स्कूल जाते है बच्चे


जहाँ हमारे देश में तापमान के -1°C चले जाने पर स्कूलों की छुट्टी कर दी जाती है वही ओम्याकोन गांव के बच्चे - 50°C होने पर भी स्कूल जाते है।और तापमान के - 52°C या इससे नीचे हो जाने पर ही स्कूलों को बन्द किया जात है।

सर्दियों में बर्फ से ढ़की रहती है हर चीज


घर,पेड़,गाड़ी या फिर कोई वस्तु ओम्याकोन में हर चीज घर से बाहर एक बर्फ की चादर के रूप में ढ़की रहती है।यदि यहाँ पानी को हवा में फेंका जाये तो वह पलक झपकते ही बर्फ बन जाता है,यहाँ के लोग जब घर से बाहर निकलते है तो उनके चेहरे पूरी तरह से बर्फ से ढक जाते है।

सर्दियों में 3 घंटे जबकि गर्मियों में 21 घंटे रहती है,सूर्य की रोशनी


बेहताशा ठंड होने के कारण यहाँ सूर्य के दर्शन दुर्लभ हो जाते है।और सर्दियों में सूर्य महज 3 घंटे के लिए ही निकलता है,हालाकिं गर्मियों के दिनों में सूर्य की रोशनी 21 घंटों तक बनी रहती है।सर्दियों में सूर्य की किरणों की गरमाहट लोगों को महसूस नहीं हो पाती,क्योकि इस जगह के चारों तरफ फैली बर्फ की चादर गरमाहट को शरीर तक नहीं आने देती।

गाड़ी को हमेशा चालू या Heat गैराज में रखते है लोग


यहाँ के लोग अपनी गाड़ी के इंजन को बंद नहीं करते चालू रखते है यदि इंजन गलति से बंद हो जाये तो फिर कभी चालू नहीं होता इससे बचने के लिए गाड़ी को Heat गैराज में रखा जाता है।

पानी के लिए बर्फ को पिघलाकर करते है Use


सर्दियों के मौसम में यहां पानी की बहुत दिक्कत हो जाती है,क्योकि घरों में पानी सप्लाई के लिए लगे पाइपों में पानी जम जाता है।बर्फ के टूकड़े को Heat करके पानी बनाया जाता है और उसे ही पीने के लिए प्रयोग में लाया जाता है।

 अंटार्कटिका के बाद धरती पर सबसे ठंडी जगह है ओम्याकोन 

ओम्याकोन में यहाँ का न्यूनतम तापमान - 71°C रिकाड किया गया है जबकि अंटार्कटिका का न्यूनतम तापमान -89°C तक रहा है इस हिसाब से दुनिया का दुसरा सबसे ठंडी जगह है ओम्याकोन।


दोस्तो मेरी यह पोस्ट आपको कैसी लगी कमेंट्स करके जरूर बतायें।



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